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Shri Krishna Charitable Trust: Awareness and Empowerment for Employees
Shri Krishna Charitable trust एक पैन-इण्डिया सामाजिक एवं श्रम-अधिकार जागरूकता मंच है, जिसका गठन इस उद्देश्य से किया गया है कि निजी क्षेत्र के शिक्षक, कर्मचारी एवं श्रमिक वर्ग को उनके विधिसम्मत अधिकार, सामाजिक सुरक्षा एवं व्यावसायिक गरिमा के विषय में न केवल शिक्षित किया जाये, बल्कि उन्हें सक्रिय संगठनात्मक शक्ति प्रदान की जाये।
हम मानते हैं कि अधिकार केवल ज्ञान से ही नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना एवं संगठन से सुरक्षित होते हैं।
इसीलिए हम तकनीकी नवाचार, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, अनुसंधान आधारित सामग्री तथा मैदानी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों को सूचना, संरक्षण और सशक्तिकरण उपलब्ध कराते हैं।
हमारा प्रयास है कि प्रत्येक कर्मचारी को :
- EPF, ESI, न्यूनतम वेतन, नियुक्ति-पत्र, मातृत्व/चिकित्सा अवकाश, कार्यस्थल सुरक्षा, लैंगिक समानता एवं यौन उत्पीड़न से संरक्षण जैसे अधिकारों का स्पष्ट ज्ञान हो।
किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित अनुबंध की स्थिति में विधिक एवं सामाजिक सहायता प्राप्त हो।
श्री कृष्णा चैरिटेबल ट्रस्ट राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक ऐसा पारदर्शी और सुदृढ़ नेटवर्क तैयार कर रहा है जिसमें
डिजिटल सदस्यता
ऑनलाइन हेल्पलाइन व शिकायत पोर्टल
स्वयंसेवकों का राष्ट्रीय नेटवर्क
शामिल है, ताकि हर कर्मचारी को त्वरित जानकारी और सहयोग मिल सके।
हम मानते हैं कि जब कर्मचारी सशक्त होगा, शिक्षक सुरक्षित होगा और श्रमिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र की उत्पादकता, नैतिकता और आर्थिक शक्ति में स्थायी उन्नति होगी।
हमारी पहचान
- पैन-इण्डिया नेटवर्क: हर राज्य व केन्द्रशासित प्रदेश में डिजिटल व मैदानी कैम्पेन।
- विधिक विशेषज्ञता: श्रम क़ानून व शिक्षक-अधिकार क्षेत्र में अनुभवी टीम।
- डिजिटल टेक्नोलॉजी: बारकोड सदस्यता, ऐप, ऑनलाइन फोरम।
- सामाजिक अनुसंधान: श्वेत-पत्र, डेटा संग्रह व नीति निर्माण पर प्रभाव।
हम क्यों अलग हैं
- पारंपरिक NGO के बजाय डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी-ड्रिवन संगठन
- तत्काल शिकायत निवारण, अपडेट्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
- राष्ट्रव्यापी वॉलंटियर नेटवर्क
- क्लाइंट-केंद्रित दृष्टिकोण – कर्मचारी के अधिकार को प्राथमिकता
विज़न (Vision)
श्री कृष्णा चैरिटेबल ट्रस्ट का ध्येय भारतवर्ष के समस्त निजी क्षेत्रीय शिक्षण संस्थानों एवं श्रमिक वर्ग को सामाजिक-आर्थिक एवं विधिक चेतना के सर्वोच्च सोपान तक पहुँचाना है;
जहाँ प्रत्येक शिक्षक, कर्मचारी एवं कर्मकार को समान श्रम के लिए समान प्रतिफल, विधिसम्मत अवकाश, स्वास्थ्य-संरक्षण एवं मानवोचित गरिमा सुलभ हो।
हम ऐसा ज्ञान-वितरण, प्रौद्योगिकी-संवहन एवं नीतिगत सक्रियता द्वारा करेंगे जिससे निजी क्षेत्र का श्रमिकवर्ग शोषण-मुक्त एवं अधिकार-सम्पन्न बन सके।
मुख्य मूल्य (Core Values)
- पारदर्शिता – सभी क्रियाओं में स्पष्टता व उत्तरदायित्व।
- न्याय – प्रत्येक सदस्य के लिए समान अधिकार।
- संगठन शक्ति – व्यक्तिगत हित को सामूहिक हित से जोड़ना।
- नवाचार – तकनीकी व सामाजिक नवाचार द्वारा तीव्र जागरूकता।
- सहभागिता – कर्मचारियों, शिक्षकों, वॉलंटियर और विशेषज्ञों को जोड़ना।
मिशन (Mission)
सर्वव्यापी श्रम-अधिकार जागरण:
देश के प्रत्येक राज्य एवं केन्द्रशासित प्रदेश में डिजिटल माध्यमों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं संवाद-सत्रों के द्वारा श्रम-कानूनों, शिक्षक-अधिकारों, स्वास्थ्य-सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की गहन जानकारी पहुँचाना।
क़ानूनी एवं प्रौद्योगिकीय सहायता मंच:
सदस्यों को डिजिटल बारकोड पहचान, ऑनलाइन परामर्श, शिकायत निवारण पोर्टल एवं निःशुल्क विधिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, जिससे उनकी समस्याएँ संरचित, प्रमाणित और समयबद्ध ढंग से निपटायी जा सकें।
सामाजिक-संगठन क्षमता निर्माण:
कर्मचारियों में सामूहिक नेतृत्व, संवाद और सौदेबाज़ी की शक्ति विकसित करना; अधिकार रक्षक स्वयंसेवकों का राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करना।
नीतिगत हस्तक्षेप एवं जन-मत निर्माण:
अनुसंधान, डेटा-संग्रह, श्वेत-पत्र (White Papers) और संसदीय/सरकारी विमर्शों में सक्रिय सहभागिता के माध्यम से निजी क्षेत्रीय श्रमिक नीतियों को अधिक पारदर्शी व मानवीय बनाना।
समान अवसर और सतत विकास का संवर्धन:
महिला, दिव्यांग, अल्पसंख्यक एवं हाशिये पर स्थित समूहों के लिए न्यायोचित अवसर एवं कार्यस्थल पर गरिमा सुनिश्चित करने हेतु लक्षित अभियान चलाना।
